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Category Archive for "Vastu" | Desitubetv

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मौली की बत्ती और शुद्ध घी का दीपक अष्टमी-नवमी की मध्य रात बढ़ाएगा सौभाग्य

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नवरात्री के नौ दिन मां दुर्गा की विधि-विधान से की गई पूजा व्यक्ति को हर कष्ट से मुक्ति दिलाती है।लेकिन यदि अष्टमी और नवमी की मध्य रात आप पूरी आस्था के साथ खास उपाय को करते हैं तो किसी भी तरह की नजर बाधा दूर हो जाएगी और सौभाग्य में बढ़ोत्तरी होगी।उपाय में साफ शुद्ध वस्त्र पहनकर अष्टमी और नवमी के मध्य रात 12 बजे के बाद घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं।दीपक शुद्ध घी का होना चाहिए और बत्ती लाल रंग के मौली की होनी चाहिए।मां दुर्गा का ध्यान करके दीपक को मुख्य दरवाजे पर रखें।प्रार्थना करें कि मां आपके जीवन को खुशियों से भर दें।नवमी की सुबह दुर्गासप्तशती का पाठ करें।9 साल से छोटी उम्र की 9 कन्याओं को भोजन कराएं।भोजन में खीर को अवश्य शामील करें।मां दुर्गा को सुहाग की सामग्री भेट करें।किसी भी माता के मंदिर में फल का दान करें।आपको या आपके परिवार में किसी को भी अगर नजर बाधा है वो दूर हो जाएगी।काम बनते –बनते रुक जा रहा है वो पूरा होगा।

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नवरात्रि में वास्तु अनुसार खास उपाय से बिजनेस में होगा फायदा

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नवरात्रि के नौ दिन किसी भी तरह की पूजा-पाठ या वास्तु उपाय के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।अगर आप बिजनेस कर रहे हैं और आपको सफलता नहीं मिल रही है तो हो सकता है कि आपके घर या ऑफिस में कहीं वास्तु दोष हो।इस नवरात्रि में वास्तु उपाय करिए और बिजनेस को सफल बनाईए। अलग-अलग बिजनेस के अलग-अलग वास्तु उपाय है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और बिजली के सामान का बिजनेस करते हैं तो आपको अपने सोने के कमरे में क्रिस्टल का विंडचाइम रखना चाहिए।इससे आपके बिजनेस में समय-समय पर जो रुकावट आती है दूर हो जाएगी।
कपड़े के बिजनेस में अगर आप हैं तो आपको सबसे पहले अपनी दुकान के बाहर मुख्य दरवाजे पर लाल रंग का कपड़ा या लाल रंग की पोटली टांग देनी चाहिए।लाल रंग मां लक्ष्मी का प्रतीक है।ऐसा करने से आपके व्यापार में हो रहा नुकसान कम हो जायेगा।
ट्रांसपोर्ट या गाड़ियों के बिजनेस में आप हो तो आपको अपने शोरुम में या काम करने के स्थान पर एक पिरामिड रखना चाहिए।इससे कामकाज में बढ़ोत्तरी होगी।
गहनों के बिजनेस में हैं तो अपने बेडरुम में चांदी का मोरपंख लगा दें या टांग दें।बिजनेस में तेजी से फायदा होगा।
होटल या रोस्टोरेंट के बिजनेस में हैं तो आप अपने ऑफिस में गाय और बछड़े की फोटो लगा दें।आपकी दुकान में तरक्की होगी।

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हर रोज एक मंत्र का जाप दूर करेगी हर परेशानी

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हिंदू धर्म के अनुसार पूजा में मंत्र का विशेष स्थान है।लय में मंत्र का जाप करने से कई तरह के फायदे होते हैं।मंत्र के एक हिस्से या छोटे स्वरुप को बीज मंत्र कहते हैं। सभी देवी-देवता का खास बीज मंत्र होता है।जब हम मंत्र का जाप करते हैं तो एक एनर्जी का प्रवाह होता है जो सभी तरह की परेशानी को दूर करता है।ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ‘ऊँ’ मूल बीज मंत्र है। इससे ही बाकी मंत्र निकला है।

श्रीं

यह मंत्र समर्पण और शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है।यह मंत्र चंद्रमा से भी संबंधित है।मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए श्रीं मंत्र का जाप करना चाहिए है।मां लक्ष्मी समृद्धि की देवी हैं।

ह्रीं

ह्रीं का अर्थ है शक्ति का संचय ।यानि जब हम ह्रीं मंत्र का जाप करते हैं तो हमारे अंदर शक्ति का संचय होता है।यह मंत्र सूर्य के प्रकाश से जुड़ा हुआ है।ह्रीं मंत्र के जाप से देवी कृपा बढ़ती है।ये मां दुर्गा का मंत्र है।

 

क्रीं

क्रीं मां काली को प्रसन्न करने का बीज मंत्र है।इस मंत्र का जाप करने से शक्ति में वृद्धि होती है।इस मंत्र को जलस्वरुप और मोक्ष प्रदान करने वाला माना गया है।इसमे आधार क अग्नि का प्रतीक और ई की मात्रा शक्ति के तीन कार्य उत्पत्ति,पालन और धारण का जबकि बिंदू ब्रह्म स्वरुप का प्रतीक है। मां काली का ये एकाक्षर मंत्र अत्यंत शक्तिशाली है।इसीलिए इसे महामंत्र कहा जाता है।

 

क्लीं

किसी भी मनोकामना की पूर्ति के लिए क्लीं मंत्र का जाप बहुत प्रभावशाली है।इससे व्यक्ति के आकर्षण शक्ति में वृद्धि में होती है।क्लीं मंत्र की आकृति को सामने रखकर उपासना करने से फल जल्दी मिलता है।मनोकामना पूर्ति के लिए आकृति में लाल रंग भर कर मंत्र जाप करना चाहिए।आर्थिक लाभ के लिए आकृति में पीला रंग भर कर साधना करना चाहिए।ध्यान करते समय ‘ऊं क्लीं नम:’ का जाप करते रहना चाहिए।काला रंग भर कर मंत्र जाप करने से सिद्धि मिलती है।अगर आप बीमार हैं या किसी तरह के मानसिक संकट में हैं तो आप इसमे हरा रंग भरकर ध्यान करें।अवश्य लाभ होगा।

 

 

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ये क्या बोल दिया आयुष्मान खुराना ने

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हाल ही में रिलीज फिल्म बरेली की बर्फी के बाद आयुष्मान अपनी अपकमिंग फिल्म शुभ मंगल सावधान के प्रमोशन में जुटे हुए हैं।इस फिल्म में आयुष्मान के साथ उनकी को ऑरटिस्ट हैं भूमि पेंडनेकर।भूमि एसके पहले आयुष्मान के साथ दम लगा के हइसा में काम कर चुकी हैं। आयुष्मान और भूमि की फिल्म शुभ मंगल सावधान 1 सितंबर को रिलीज हो रही है।आपको बता दे कि फिल्म के प्रमोशन के लिए दिए गए इंटरव्यू में मीडिया से बात करते हुए आयुष्मान ने शादी से पहले सेक्स की वकालत करते हुए कहा कि हमारे समाज में सब अरेंज मैरिज की वकालत करते हैं।शादी किसी के लिए भी जीवन का बेहद खास पहलू है।आयुष्मान ने कहा कि मेरा मानना है कि पानी में कूदने से पहले उसको जांच लेना बेहद जरुरी है।आगे बात करते हुए आयुष्मान ने कहा कि किसी भी तरह की समस्या का पता अगरशादी के बाद लगता है तो कपल क्या करेगा।आपको बता दें कि इससे जुड़ा मैसेज देते हुए फिल्म का कुछ अंश आयुष्मान खुराना ने सोशल मीडिया पर अपने इंस्टाग्राम एकाउंट से शेयर किया है।

आयुष्मान ने कहा कि हालांकि फिल्म में दोनो मुख्य कैरेक्टर एक दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझते है इसीलिए हर परीस्थिती में क दूसरे का साथ देते हैं लेकिन हर जगह तो ऐसा नहीं होता।शुभ मंगल सावधान फिल्म मुख्यत: पुरुषों के सेक्स से जुड़े प्रॉब्लम पर बनी फिल्म है।फिल्म का ट्रेलर देखकर सा लगता है कि फिल्म सोशल मैसे ज के साथ ही साथ काफी इंटरटेनींग भी होगा।

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गणेश जी की पूजा में क्यों नहीं चढ़ाते तुलसी

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हमारे सनातन धर्म में बहुत से से नियम हैं जिनका पालन पूजा पाठ में अनिवार्य है।नमे पूजा में प्रयोग की जानेवाली वस्तु से लेकर पूजा का समय और दिशा सभी शामील है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हिंदु धर्म में कुल 33 करोड़ देवी देवता है।सभी के पूजा के विधि-विधान भी अलग हैं। हिंदु परंपरा के अनुसार किसी भी पूजा को आरंभ करते समय सबसे पहले गणेश जी की पूजा करते हैं।क्या आपको पता है कि गणेश जी की पूजा करते समय तुलसी नहीं चढ़ाते हैं।ऐसा क्यों हैं इसके पिछे एक पौराणिक कथा प्रचलित है।कहते हैं कि तुलसी पहले लड़की थी और भगवान विष्णु की परम भक्त थीं।एक दिन बाग में घूमते हुए तुलसी को गणएश जी मिले जो चमकीले पीले वस्त्र पहन रखे थे और शरीर पर चंदन का लेप लगाकर उनका स्वरुप दिव्य लग रहा था।गणेश जी के इस रुप को देखकर तुलसी उनपर मोहित हो गई।तुलसी ने गणेश जी के सामने शादी का प्रस्ताव रख दीं।तुलसी के इस प्रस्ताव को सुनकर गणेश जी ने कहा कि मै तो सन्यासी हूं शादी कर ही नहीं सकता।गणेश जी के जवाब को सुनकर तुलसी गुस्से में आ गई और गणेश जी को श्राप दे दी कि उनको अपनी इच्छा के विरुद्ध शादी करनी होगी।तुलसी जी के ऐसा कगने पर गणएश भी क्रोधीत हो गए और तुलसी को श्राप दे दिया कि तुम्हारी शादी एक दानव से होगी।

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ऐसा सुनते ही तुलसी को अपनी गलती का अहसास हो गया।बहुत क्षमा प्रार्थना करने पर गणेश जी ने तुलसी को श्राप से मुक्त का रास्ता बताते हुए कहा कि एक जन्म तो तुम्हारी शादी दानव से ही होगी लेकिन उसके अगले जन्म तुम पेड़ बन जाओगी और विष्णु को प्रिय रहोगी।तुम्हारी पेड़ की पूजा से अपार पुण्य की प्राप्ती होगी।भगवान गणेश की दोनों ही बाते सही साबित हुई।पहले तो तुलसी का विवाह शंखचूड़ नामके राक्षस के साथ हुआ।



अगले जन्म में तुलसी वृक्ष के रुप में हुई जिनकी आज भी पूजा की जाती है।गणेश जी के आशीर्वाद के अनुसार तुलसी भगवान विष्णु को अतिप्रिय है।भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का होना हिंदु धर्म में इसीलिए अनिवार्य है।यही कारण है कि गणेश की पूजा में तुलसी नहीं चढ़ाया जाता है।

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