Naturopathy-&-Ayurveda

नेचुरोपैथी में नेचुरल चीजों से ही इलाज किया जाता है जैसे सूर्य, पानी, वायु, मिट्टी।इन सब चीजों से जब इलाज किया जाता है तो इसको इनहैंसमेंट ऑफ ब्यूटी थ्रू नेचुरोपैथी कहा जाता है।नेचर के करीब होने के कारण ये चीजें शरीर को नुकसान भी नहीं देती हैं और इनका अंदर और बाहर दोनों तरीकों से प्रयोग बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है।बाहर से अगर हम प्रयोग की बात करें तो जिन लोगो को बॉडी ऑडर यानि की शरीर से बदबू आने की समस्या रहती है उन लोगो को केवड़ा, चंदन या गुलाब जल या गुलाब के अर्क का प्रयोग जल में मिलाकर करना चाहिए।लगातार इनका प्रयोग करने से बॉडी ऑडर की समस्या कम हो जाती है।जहां तक अंदर से प्रयोग का सवाल है तो अलग अलग तरह के द्रव्यों को जल में मिलाकर आवश्यक मात्रा में उपयोग में लाया जाय तो बॉडी ऑडर की समस्या को ठीक किया जा सकता है।नेचुरोपैथी में दिनचर्या का पालन बहुत ज्यादा जरुरी बताया गया है।दिनचर्या में सबसे पहले आता है सूर्य नमस्कार।सूर्य नमस्कार करने से पहली बात हमारा शरीर खुलता है दूसरा कि सूर्य की रोशनी से सीधा विटामीन डी मिलता है जो हमारी हड्डियों को मजबूत बनाता है और स्कीन अच्छा होता है।नेचुरोपैथी में तीसरा तरीका है मिट्टी का प्रयोग।इसका कई तरह से प्रयोग होता है।कई बीमारीयों में मिट्टी का लेप शरीर पर लगाते हैं जैसे पेट की बीमारी में अगर लीवर बढ़ गया है तो मिट्टी का लेप बहुत फायदेमंद है।नेचुरोपैथी में एक और बहुत महत्वपूर्ण वस्तु है जिससे इलाज किया जाता है वह है वायु।वायु को तो प्राण तक कहा गया है। प्राणायाम या योगाभ्यास रेग्युलर किया जाए तो यह हमारे प्राण वायु को बढ़ाता हैं दिर्घायु बनाता हैं। प्राणायाम या योगाभ्यास से बाल के झड़ने की समस्या को भी ठीक किया जा सकता है।नेचुरोपैथी में डाइट का भी खास महत्व है।मधुर, अम्ल, लवण यानि की मीठा, खट्टा, नमक और कटु,तीत्त, कसाय यानि की कड़वा, तीता और कसैला इन छ: रसों को क्रमश: खाना में सेवन करना चाहिए।इस तरह के बैलेंस डाइट स्कीन के लिए , बालों के लिए , आंखों की रोशनी के लिए हर चीज के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होगा।नींद भी नेचुरोपैथी में बहुत इंपॉर्टेंट चीज बताई गई है।पूरी नींद नहीं होने से आंखों के नीचे काला होना आम बात है।हमेशा एक थकावट सी बनी रहती है स्कीन डल हो जाती है और हमारी बॉडी कुछ भी काम करने में हमारा साथ नहीं देती है।नेचुरोपैथी में फेसीयल मसाज,बॉडी मसाज ,फुट मसाज और हेड मसाज को जरुरी बताया गया है। ये मसाज प्री मैच्योर एजिंग को रोकता है ,बॉडी ग्रोथ को बढ़ाता है, स्कीन को इनहैंस करता है और लस्चर को बढ़ाता है।अगर हम इन सब उपायों का प्रयोग अच्छी तरह से अपने डेली रुटीन में करते रहते हैं तो ये सब चीजें नेचुरोपैथी के अनुसार हमारे बॉडी को, स्कीन को, सेंस ऑर्गेन को हेल्दी रखने में और ब्यूटिफिकेशन को बढ़ाने में बहुत ज्यादा उपयोगी सिद्ध होती हैं।