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गुजरात के 12वीं कामर्स के स्टूडेंट्स को दीपिका पादुकोण के पिता मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण का अपने दोनों बेटियों दीपिका और अनीषा के नाम लिखे पत्र को कोर्स में पढ़ाया जा रहा है।लेटर में प्रकाश अपने दोनों बेटियों को जिंदगी का फलसफा समझाते हुए लिखते हैं….

प्यारी दीपिका और अनीषा

तुम दोनों अभी जिंदगी के उस दौर से गुजर रही हो जहां से जिंदगी की शुरुआत मानी जाती है।मैं तुमलोग से वो हर बात शेयर करना चाहता हूं जो मैने बचपन में जी है।कैसे एक छोटे से लड़के ने बेंगलुरु में बैडमिटन खेलना शुरु किया था। तब तो ना कोई बैडमिंटन कोर्ट था और ना ही स्टेडियम।मेरा बैडमिंटन कोर्ट तो कैनरा बैंक का शादी हॉल था।हर रोज हम इंतजार करते थे कि कोई फंक्शन ना हो वहां।जैसे ही हॉल खाली होने की जानकारी मिलती थी हम स्कूल से आते ही भागकर वहां पहुंच जाते थे खेलने।पर मैं तुमलोग को बताना चाहता हूं कि इन सबके बावजूद मैने कभी अपनी जिंदगी में किसी चिज की शिकायत नहीं की। हम इसमे ही  खुश रहते थे कि कुछ दिन तो मिल ही जाते हैं खेलने को।मैने कभी अपने करियर अपने जिंदगी से कोई शिकायत नहीं की।मैं तुमलोग को भी यही सिखाना चाहता हूं कि जिद्द, जुनून और कड़ी मेहनत की जगह दुनिया में कोई और चीज नहीं ले सकती है।आगे प्रकाश लिखते हैं कि दीपिका जब तुम सिर्फ 18 साल की थी तो तुम मॉडलिंग के लिए बॉम्बे जाने की बात कही थी।शुरु में हम परेशान थे कि तुम छोटी हो और बॉम्बे शहर और ये इंडस्ट्री बहुत बड़ी है।तुम कैसे संभालोगी खुद को। लेकिन फिर मैने सोचा की ये तुम्हारे अपने सपने की बात है और तुम्हे इसको पूरा करने का मौका हमे देना चाहिए।ताकि अगर तुम सफल हो गई तो खुद पर गर्व करो और अगर असफल हो गई तो कम से कम अफसोस ना रहे।याद रखना मैने हमेशा तुमलोगो को ये सिखाया है कि जिंदगी में अपना रास्ता खुद तय करना है ।माता-पिता उंगली पकड़कर रास्ता दिखाएंगे ये नहीं सोचना है।लेटर में प्रकाश आगे लिखते हैं कि मेरा मानना है कि बच्चों को अपने सपने के साथ खुद जिना है ना कि वो ये समझे की कोई और कामयाबी लाकर उनके गोद में डाल देगा।आज भी जब तुम घर आती हो अपना बेड खुद ठीक करती हो।खाने का मेज खुद साफ करती हो।यहां तक कि घर में ज्यादा मेहमान आ जाएं तो जमीन पर सोती हो।तुम ये सोचती होगी की हम तुमको स्टार मानने के लिए क्यों नहीं राजी हैं तो बात ये है कि पहले तुम हमारी बेटी हो बाद में एक स्टार। लेटर एक प्रेरणा देनेवाले विषय पर है।इसीलिए इसे सिलेबस में शामील किया गया है।



गुजरात एजुकेशन बोर्ड के 12वीं कक्षा के कॉमर्स स्टूडेंट उस लेटर को पढ़ रहे हैं, जो प्रकाश पादुकोण ने अपनी बेटी दीपिका और अनीषा पादुकोण को लिखा था.

बोर्ड ने कॉमर्स की किताब में यूनिट चार में फैमिली बॉन्डिंग और ह्यूमन वैल्यूज का महत्व समझाया है. इसी के तहत पूर्व बैडमिंटन प्लेयर प्रकाश पादुकोण द्वारा बहुत पहले लिखा गया एक लेटर किताब में छापा गया है.

प्यारी दीपिका और अनीषा,

तुम दोनों उस मोड़ पर हो, जहां से जिंदगी शुरू होती है. मैं तुमसे वो सबक साझा करना चाहता हूं, जो जिंदगी ने मुझे सिखाए हैं. सालों पहले बेंगलुरू में एक छोटे बच्चे ने बैडमिंटन खेलना शुरू किया था, तब ना तो कोई स्टेडियम थे और ना ही कोई बैडमिंटन कोर्ट जहां ट्रेनिंग ली जा सके.

मेरा बैडमिंटन कोर्ट तो घर के करीब केनरा यूनियन बैंक का एक शादी हॉल था. मैंने वहीं पर खेलना सीखा. हर रोज हम इंतजार करते कि हॉल में कोई फंक्शन तो नहीं है, अगर नहीं होता तो हम स्कूल से भागकर वहां पहुंच जाते ताकि अपने दिल की चाह पूरी कर सकें

इसके बावजूद मेरे बचपन और कच्ची उम्र की सबसे खास चीज थी कि मैंने जिंदगी में कभी किसी कमी की शिकायत नहीं की. मैं इसी बात से खुश रहा है कि हमें हफ्ते में कुछ दिन खेलने की सुविधा तो मिलती है. अपने करियर और जिंदगी दोनों से मैंने कभी कोई शिकवा नहीं किया और यही मैं तुम बच्चों को सिखाना चाहता हूं कि जुनून, कड़ी मेहनत, जिद और जज्बे की जगह कोई क्योंकि हमें लगा कि तुम्हें वो सपना पूरा करने का मौका नहीं देना जिसके साथ तुम बड़ी हुई हो ये बहुत गलत है. तुम कामयाब हो जाती तो हमें गर्व होता और अगर नहीं होती तो तुम्हें कभी अफसोस नहीं होता क्योंकि तुमने कोशिश की थी. याद रखो कि मैंने तुम्हें हमेशा यही बताया है कि दुनिया में अपना रास्ता कैसे बनाना है. बिना अपने माता-पिता से उम्मीद किए कि वे उंगली पकड़कर तुम्हें वहां पहुंचाएंगे.

मेरा मानना है कि बच्चों को अपने सपनों के लिए खुद मेहनत करनी चाहिए ना कि इस बात का इंतजार कि कोई कामयाबी उन्हें लाकर देगा. आज भी जब तुम घर आती हो तो तुम अपना बिस्तर खुद लगाती हो, खाने बाद मेज खुद साफ करती हो और जमीन पर सोती हो जब घर में मेहमान होते हैं.

तुम कभी सोचती होगी कि हम तुम्हें एक स्टार समझने को क्यों तैयार नहीं हैं, तो ऐसा इसलिए है क्योंकि तुम हमारे लिए बेटी पहले हो और एक फिल्म स्टार बाद में.

चीज नहीं ले सकती.

तुम्हारा पिता.