monsoon

बारिश या मानसून के आते ही स्कीन एंड ब्यूटी से जुड़ी मुहांसे या एकने की समस्या बढ़ जाती है।किशोरावस्था में तो मुहांसे होना नेचुरल प्रासेस है लेकिन आजकल प्रदूषण और स्ट्रेस भरी लाईफ के कारण व्यस्को में भी मुहांसे होने लगे हैं।डॉ सहेला अग्रवाल का कहना है कि मानसून में त्वाचा की सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए। घरेलु नुस्खों को अपनाए और फिर भी प्रॉब्लम नहीं सॉल्व हो रही है तो डॉक्टर को दिखाए।किसी अच्छे फेसवॉश से चेहरे को दिन में दो-चार बार धोएं।सके बाद एस्ट्रेजेंट लगाएं।फायदा नहीं होता है तो डॉक्टर से मिलें।घरेलु उपचार में मुहांसे का जो सबसे कारगर इलाज है



वो है मुल्तानी मिट्टी।मुल्तानी मिट्टी को ठंडे पानी में या गुलाब जल में मिलाकर हफ्ते में दो या तीन बार चेहरे पर लगाएं।इससे चेहरे का तेल सूख जाता है और मुहांसे कम आते हैं।नेचुरल एस्ट्रजेंट के तौर पर खीरा का पानी सबसे अच्छा माना जाता है।इसके लिए खीरा को कद्दूकश करके उसका पानी निकाल लें और चेहरे पर लगाकर 10 मिनट के लिए छोड दें।ये सबसे अच्छा नेचुरल एस्ट्रजेंट होता है।इससे त्वचा का इंफेक्शन दूर हो जाता है।अगर फिर भी मुहांसे ना ठीक हो तो डॉक्टर को दिखाएं।क्योंकि मुहांसे अगर ठीक नहीं हुए तो निशान छोड़ जाएंगे और निशान को ठीक करना नामुमकिन हो जाता है।