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भारतीय सिनेमा की एक बेहतरीन अदाकारा शबाना आजमी।शबाना जी को जन्मदिन की ढ़ेर सारी बधाइयां।ये कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि शबाना आजमी को एक्टिंग विरासत में मिली थी।शबाना की मां शौकत आजमी इंडियन थियेटर की मजी हुई अदाकारा थी और पिता कैफी आजमी मशहूर शायर।शबाना की प्राइमरी शिक्षा क्वीन मैरी स्कूल मुंबई से हुई।मनोविज्ञान में ग्रैजुएट शबाना आजामी ने एक्टिंग का कोर्स फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टिटीयूट ऑफ इंडिया, पुणे से की।विरासत में मिली अभिनय क्षमता से शबाना ने भारतीय सिनेमा को एक सकारात्मक दिशा दिखाई।कला फिल्मों में शबाना का अभिनय निखर कर आया ।वैसे शबाना कमर्सियल फिल्मों में भी काम कीं और फिल्में सफल भी रही।शबाना ने अपने करियर की शुरुआत 1973 में श्याम बेनेगल की फिल्म अंकुर से की थी।शबाना की सशक्त अभिनय के लिए उन्हे पहली ही फिल्म में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।शबाना के अभिनय क्षमता का अंदाजा इसबात से लगाया जा सकता है कि 1983 से लेकर 1985 तक लगातार उन्हें तीन साल तक सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अवार्ड मिला। शबाना आजमी ने हिंदी सिनेमा के मशहूर संगीतकार जावेद अख्तर से शादी की,हालांकि जावेद पहले से ही शादी-शुदा थे ।अपनी पहली पत्नी हनी इरानी से तलाक लेकर जावेद ने शबाना से निकाह किया।आर्ट और कमर्सियल फिल्मों के साथ –साथ ही शबाना ने एक्सपेरिमेंटल फिल्मों में भी बढ़-चढ़कर काम किया।ऐसी ही एक विवादित एक्सपेरिमेंटल फिल्म आई ‘फायर’ जिसमे शबाना के बोल्ड अभिनय की हर किसी ने तारीफ की।शबाना ने एक ओर जहां बाल फिल्म ‘मकड़ी’ में चुड़ैल का किरदार किया तो वहीं दूसरी ओर ‘मासूम’ फिल्म में कोमल मातृत्व का किरदार निभाया।इतना ही नहीं ‘गॉड मदर’ फिल्म में शबाना का महिला डॉन का किरदार हर किसी को हैरान कर दिया।शबाना ने खुद को कभी किसी एक किरदार में बांधने कि कोशिश नहीं की।हमेशा वो अपने अंदर की अभिनेत्री को तलाशती रही और एक से एक उम्मदा फिल्म उनके खाते में जुड़ते चले गए।आजकल शबाना फिल्मों से ज्यादा सामाजिक कार्यों में व्यस्त हैं।