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गुरुग्राम के नामी स्कूल रेयॉन इंटरनेशनल के परिषर में कक्षा 2 के छात्र प्रद्युम्न की हत्या ने बॉलीवुड को भी सकते में ला दिया है।फिल्म अभिनेता संजय दत्त का कहना है कि मौजूदा दौर में एक पिता के तौर पर खुद को मैं लाचार महसूस कर रहा हूं।अभी का समय एक माता-पिता के लिए सबसे डरावना समय है।इसका मतलब है कि बच्चे स्कूल में भी सुरक्षीत नहीं हैं।बातचीत के क्रम में संजय दत्त ने कहा ‘एक पिता के तौर पर वह हमेशा अपने बच्चों को समझाते हैं कि वो अपना काम खत्म होते ही घर लौट आएं क्योंकि बाहर का माहौल सही नहीं है।संजय दत्त ने अपने नीजी जिंदगी में बहुत सारे उतार चढ़ाव देखे हैं।फिल्म रॉकी से 1981में बॉलीवुड में जबरदस्त एंट्री करने वाले संजय दत्त को नशे की लत के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा था।इतना ही नहीं 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में अवैध हथियार रखने के जुर्म में उनको जेल की सजा भी हो गई थी।जब संजय दत्त से पूछा गया कि आपने जिंदगी के कई रंग देखे हैं।हर कोई अपने अनुभव से बहुत कुछ सीखता है आपने क्या सीखा।संजय ने कहा मै तब भी बेगुनाह था आज भी बेगुनाह हूं। हां जिंदगी का हर अनुभव आपको कुछ ना कुछ सीखा कर जाता हैं।आपको बता दें कि जेल से लौटने के बाद संजय की पहली रिलीज फिल्म भूमि होगी जिसमे वो एक लड़की की पिता की भूमिका नीभा रहे हैं।संजय के तीन बच्चे हैं।पहली पत्नी ऋचा शर्मा से बेटी त्रिशला और तीसरी पत्नी मान्यता से दो जुड़वा बच्चे बेटा शाहरान और बेटी इकरा।लंबे अर्से के बाद कैमरे के सामने नर्वसनेस के बारे में पूछने पर संजय दत्त ने कहा कि उनको किसी भी तरह का नर्वसनेस नहीं लगा था।