maa-durga

21 सितंबर गुरुवार से शारदीय नवरात्र आरंभ हो रहा है। नवरात्र में मां दुर्गा के नवस्वरुप की पूजा होती है।

पहले दिन 21 सितंबर को मां शैलपुत्री की पूजा होगी

दूसरे दिन 22 सितंबर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होगी

तीसरे दिन 23 सितंबर मां चंद्रघंटा की पूजा होगी

चौथे दिन 24 सितंबर मां कुष्मांडा की पूजा होगी

पांचवें दिन 25 सितंबर मां स्कंदमाता की पूजा होगी

छठें दिन 26 सितंबर मां कात्यायनी की पूजा होगी

सातवें दिन 27 सितंबर मां कालरात्री की पूजा होगी

आठवें दिन 28 सितंबर मां महागौरी की पूजा होगी

नवें दिव 29 सितंबर मां सिद्धीदात्री की पूजा होगी

पूजा में भोग का भी उतना ही महत्व होता है जितना की पूजा विधि का।ऐसे में ये जानना जरुरी है कि मां दुर्गा को नौ दिन भोग क्या लगाया जाए।

पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरुप मां शैलपुत्री को घी भोग लगाने से सभी तरह के रोग कष्ट से मुक्ति मिलेगी।

दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर का भोग लगाने से व्यक्ति की उम्र बढ़ती है।

तीसरे दिन मां चंद्रघंटा को दूध का भोग लगाने से सभी कष्ट दूर हो जाएंगा।

चौथे दिन मां कुष्मांडा को मालपुआ का भोग लगाने से पारिवारिक सुख मिलेगा।

पांचवे दिन मां स्कंदमाता को केले का भोग लगाने से मन शांत रहेगा

छठें दिन मां कात्यायनि को शहद का भोग लगाने से धन की प्राप्ती होगी।

सातवें दिन मां कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाने से गरीबी दूर होगी।

आठवें दिन मां महागौरी को नारियल का भोग लगाने से घर में सुख समृद्धी बढ़ेगी।

नवें दिन मां सिद्धीदात्री को अनाज का भोग लगाने से संतान सुख मिलेगा।

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