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त्रिफला चूर्ण तीन जड़ी बूटियों का एक मिश्रण है।इसमे तीन प्रकार के फल हरर,बहेड़ा और आवंला मिला रहता है।तीनो जड़ी को बराबर मात्रा में मिलाकर दर्दरा या पाउडर बना लेते हैं फिर उपयोग में लाते हैं।आयुर्वेद मे त्रिफला को बहुत उत्तम रसायन माना गया है।इसका प्रयोग कई तरह की बिमारीयों में किया जाता है।जिनलोगो को कब्जियत की समस्या है पेट साफ नहीं रहता है उनको त्रिफला के प्रयोग से बहुत लाभ मिलता है।इसके अलावा त्रिफला आंखो के लिए,बालों के लिए और स्कीन के लिए एक बहुत अच्छी औषधि है। कोई पुरानी स्कीन की बिमारी है तो त्रिफला का अलग-अलग ढ़ग से प्रयोग करके अच्छा लाभ मिलता है। आंखो के लिए त्रिफला को रात में पानी में भिंगोकर रख दें सुबह इसको अच्छी तरह छानकर आंखों को धोएं।इससे आंखों की रोशनी को लंबे समय तक बरकरार रखा जा सकता है। आयुर्वेद के अनुसार त्रिफला का उपयोग सिर के बाल से लेकर पैरों के नस तक हर जगह एक अच्छी औषधि की तरह किया जा सकता है।